पंचांग 31 जनवरी 1984

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

31 जनवरी 1984 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:27
चंद्रोदय06:43 (1 फ़र॰)
चंद्रास्त17:06
मास:
पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1905 · विक्रम (चैत्रादि) 2040
संवत्सर:
रुधिरोद्गारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
धनु 16:02 तक, फिर मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 03:06 (1 फ़र॰) तक, फिर कृष्ण अमावस्या 05:16 (2 फ़र॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 09:26 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 11:55 (1 फ़र॰) तक
योग
वज्र 21:19 तक, फिर सिद्धि 21:49 (1 फ़र॰) तक
करण
विष्टि 14:06 तक, फिर शकुनि 03:06 (1 फ़र॰) तक, फिर चतुष्पद 16:09 (1 फ़र॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:10
  • राहु काल15:37 – 17:02
  • यमगंड09:58 – 11:23
  • गुलिक काल12:48 – 14:12

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:33
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:33 – 09:58
  • चर(सामान्य)09:58 – 11:23
  • लाभ(शुभ)11:23 – 12:48
  • अमृत(शुभ)12:48 – 14:12
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:12 – 15:37
  • शुभ(शुभ)15:37 – 17:02
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:02 – 18:27

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:27 – 20:02
  • लाभ(शुभ)20:02 – 21:37
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:37 – 23:12
  • शुभ(शुभ)23:12 – 00:47 (1 फ़र॰)
  • अमृत(शुभ)00:47 (1 फ़र॰) – 02:23 (1 फ़र॰)
  • चर(सामान्य)02:23 (1 फ़र॰) – 03:58 (1 फ़र॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:58 (1 फ़र॰) – 05:33 (1 फ़र॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:33 (1 फ़र॰) – 07:08 (1 फ़र॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

अपनी कुंडली देखें