पंचांग 23 अगस्त 1984

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

23 अगस्त 1984 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:18
सूर्यास्त18:55
चंद्रोदय03:22 (24 अग॰)
चंद्रास्त16:08
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1906 · विक्रम (चैत्रादि) 2041
संवत्सर:
रक्ताक्षी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 12:32 तक, फिर कृष्ण द्वादशी 10:30 (24 अग॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 14:48 तक, फिर पुनर्वसु 13:27 (24 अग॰) तक
योग
सिद्धि 01:19 (24 अग॰) तक, फिर व्यतीपात 22:15 (24 अग॰) तक
करण
बालव 12:32 तक, फिर कौलव 23:36 तक, फिर तैतिल 10:30 (24 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:02
  • राहु काल14:11 – 15:46
  • यमगंड06:18 – 07:52
  • गुलिक काल09:27 – 11:02

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:18 – 07:52
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:52 – 09:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:02
  • चर(सामान्य)11:02 – 12:36
  • लाभ(शुभ)12:36 – 14:11
  • अमृत(शुभ)14:11 – 15:46
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:46 – 17:21
  • शुभ(शुभ)17:21 – 18:55

रात

  • अमृत(शुभ)18:55 – 20:21
  • चर(सामान्य)20:21 – 21:46
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:46 – 23:11
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:11 – 00:37 (24 अग॰)
  • लाभ(शुभ)00:37 (24 अग॰) – 02:02 (24 अग॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:02 (24 अग॰) – 03:27 (24 अग॰)
  • शुभ(शुभ)03:27 (24 अग॰) – 04:52 (24 अग॰)
  • अमृत(शुभ)04:52 (24 अग॰) – 06:18 (24 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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