पंचांग 13 सितंबर 1984

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

13 सितंबर 1984 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:38
चंद्रोदय20:38
चंद्रास्त08:36
मास:
भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1906 · विक्रम (चैत्रादि) 2041
संवत्सर:
रक्ताक्षी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मीन 13:11 तक, फिर मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 19:54 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 22:15 (14 सित॰) तक
नक्षत्र
रेवती 13:11 तक, फिर अश्विनी 16:06 (14 सित॰) तक
योग
वृद्धि 12:28 तक, फिर ध्रुव 13:21 (14 सित॰) तक
करण
वणिज 06:40 तक, फिर विष्टि 19:54 तक, फिर बव 09:06 (14 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:54
  • राहु काल14:02 – 15:34
  • यमगंड06:21 – 07:54
  • गुलिक काल09:26 – 10:58

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:21 – 07:54
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:26
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:58
  • चर(सामान्य)10:58 – 12:30
  • लाभ(शुभ)12:30 – 14:02
  • अमृत(शुभ)14:02 – 15:34
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:34 – 17:06
  • शुभ(शुभ)17:06 – 18:38

रात

  • अमृत(शुभ)18:38 – 20:06
  • चर(सामान्य)20:06 – 21:34
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:34 – 23:02
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:02 – 00:30 (14 सित॰)
  • लाभ(शुभ)00:30 (14 सित॰) – 01:58 (14 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:58 (14 सित॰) – 03:26 (14 सित॰)
  • शुभ(शुभ)03:26 (14 सित॰) – 04:54 (14 सित॰)
  • अमृत(शुभ)04:54 (14 सित॰) – 06:22 (14 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

अपनी कुंडली देखें