पंचांग 31 मई 1985

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

31 मई 1985 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:07
चंद्रोदय16:16
चंद्रास्त04:07 (1 जून)
मास:
ज्येष्ठ (अमांत)
संवत:
शक 1907 · विक्रम (चैत्रादि) 2042
संवत्सर:
क्रोधन (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
तुला

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 19:10 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 15:53 (1 जून) तक
नक्षत्र
चित्रा 13:08 तक, फिर स्वाती 10:41 (1 जून) तक
योग
वरीयान 00:03 (1 जून) तक, फिर परिघ 20:16 (1 जून) तक
करण
बव 08:45 तक, फिर बालव 19:10 तक, फिर कौलव 05:32 (1 जून) तक, फिर तैतिल 15:53 (1 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:58
  • राहु काल10:53 – 12:32
  • यमगंड15:49 – 17:28
  • गुलिक काल07:36 – 09:14

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)05:57 – 07:36
  • लाभ(शुभ)07:36 – 09:14
  • अमृत(शुभ)09:14 – 10:53
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:53 – 12:32
  • शुभ(शुभ)12:32 – 14:10
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:10 – 15:49
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:49 – 17:28
  • चर(सामान्य)17:28 – 19:07

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:07 – 20:28
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:28 – 21:49
  • लाभ(शुभ)21:49 – 23:10
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:10 – 00:32 (1 जून)
  • शुभ(शुभ)00:32 (1 जून) – 01:53 (1 जून)
  • अमृत(शुभ)01:53 (1 जून) – 03:14 (1 जून)
  • चर(सामान्य)03:14 (1 जून) – 04:36 (1 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:36 (1 जून) – 05:57 (1 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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