पंचांग 24 अक्टूबर 1985
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
24 अक्टूबर 1985 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:31
सूर्यास्त18:06
चंद्रोदय15:43
चंद्रास्त03:38 (25 अक्टू॰)
- मास:
- आश्विन (अमांत)
- संवत:
- शक 1907 · विक्रम (चैत्रादि) 2042
- संवत्सर:
- क्रोधन (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- तुला
- चंद्र राशि:
- कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी 14:45 तक, फिर शुक्ल द्वादशी 16:19 (25 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- शतभिषा 16:12 तक, फिर पूर्वाभाद्रपदा 18:19 (25 अक्टू॰) तक
- योग
- वृद्धि 15:02 तक, फिर ध्रुव 15:10 (25 अक्टू॰) तक
- करण
- विष्टि 14:45 तक, फिर बव 03:29 (25 अक्टू॰) तक, फिर बालव 16:19 (25 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:41
- राहु काल13:45 – 15:12
- यमगंड06:31 – 07:58
- गुलिक काल09:24 – 10:51
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:31 – 07:58
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:58 – 09:24
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:51
- चर(सामान्य)10:51 – 12:18
- लाभ(शुभ)12:18 – 13:45
- अमृत(शुभ)13:45 – 15:12
- काल(वर्जित (परंपरा))15:12 – 16:39
- शुभ(शुभ)16:39 – 18:06
रात
- अमृत(शुभ)18:06 – 19:39
- चर(सामान्य)19:39 – 21:12
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:12 – 22:45
- काल(वर्जित (परंपरा))22:45 – 00:18 (25 अक्टू॰)
- लाभ(शुभ)00:18 (25 अक्टू॰) – 01:52 (25 अक्टू॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:52 (25 अक्टू॰) – 03:25 (25 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)03:25 (25 अक्टू॰) – 04:58 (25 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)04:58 (25 अक्टू॰) – 06:31 (25 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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