पंचांग 27 जून 1986
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
27 जून 1986 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:00
सूर्यास्त19:14
चंद्रोदय23:52
चंद्रास्त11:06
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1908 · विक्रम (चैत्रादि) 2043
- संवत्सर:
- क्षय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मिथुन
- चंद्र राशि:
- कुंभ 05:14 (28 जून) तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 18:00 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 18:03 (28 जून) तक
- नक्षत्र
- शतभिषा 10:56 तक, फिर पूर्वाभाद्रपदा 11:26 (28 जून) तक
- योग
- आयुष्मान 01:12 (28 जून) तक, फिर सौभाग्य 00:26 (29 जून) तक
- करण
- गर 06:19 तक, फिर वणिज 18:00 तक, फिर विष्टि 05:55 (28 जून) तक, फिर बव 18:03 (28 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:03
- राहु काल10:58 – 12:37
- यमगंड15:56 – 17:35
- गुलिक काल07:39 – 09:18
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:00 – 07:39
- लाभ(शुभ)07:39 – 09:18
- अमृत(शुभ)09:18 – 10:58
- काल(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:37
- शुभ(शुभ)12:37 – 14:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:16 – 15:56
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:56 – 17:35
- चर(सामान्य)17:35 – 19:14
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:14 – 20:35
- काल(वर्जित (परंपरा))20:35 – 21:56
- लाभ(शुभ)21:56 – 23:16
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:16 – 00:37 (28 जून)
- शुभ(शुभ)00:37 (28 जून) – 01:58 (28 जून)
- अमृत(शुभ)01:58 (28 जून) – 03:19 (28 जून)
- चर(सामान्य)03:19 (28 जून) – 04:39 (28 जून)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:39 (28 जून) – 06:00 (28 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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