पंचांग 7 अक्टूबर 1986

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 अक्टूबर 1986 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:26
सूर्यास्त18:18
चंद्रोदय09:47
चंद्रास्त21:04
मास:
आश्विन (अमांत)
संवत:
शक 1908 · विक्रम (चैत्रादि) 2043
संवत्सर:
क्षय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कन्या
चंद्र राशि:
वृश्चिक

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 15:21 तक, फिर शुक्ल पंचमी 12:48 (8 अक्टू॰) तक
नक्षत्र
विशाखा 07:18 तक, फिर अनुराधा 05:30 (8 अक्टू॰) तक, फिर ज्येष्ठा 03:45 (9 अक्टू॰) तक
योग
प्रीति 12:45 तक, फिर आयुष्मान 09:32 (8 अक्टू॰) तक
करण
विष्टि 15:21 तक, फिर बव 02:04 (8 अक्टू॰) तक, फिर बालव 12:48 (8 अक्टू॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:58 – 12:46
  • राहु काल15:20 – 16:49
  • यमगंड09:24 – 10:53
  • गुलिक काल12:22 – 13:51

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:26 – 07:55
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:55 – 09:24
  • चर(सामान्य)09:24 – 10:53
  • लाभ(शुभ)10:53 – 12:22
  • अमृत(शुभ)12:22 – 13:51
  • काल(वर्जित (परंपरा))13:51 – 15:20
  • शुभ(शुभ)15:20 – 16:49
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:49 – 18:18

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:18 – 19:49
  • लाभ(शुभ)19:49 – 21:20
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:20 – 22:51
  • शुभ(शुभ)22:51 – 00:22 (8 अक्टू॰)
  • अमृत(शुभ)00:22 (8 अक्टू॰) – 01:53 (8 अक्टू॰)
  • चर(सामान्य)01:53 (8 अक्टू॰) – 03:24 (8 अक्टू॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:24 (8 अक्टू॰) – 04:55 (8 अक्टू॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:55 (8 अक्टू॰) – 06:26 (8 अक्टू॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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