पंचांग 29 सितंबर 1988

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

29 सितंबर 1988 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:24
सूर्यास्त18:24
चंद्रोदय21:08
चंद्रास्त09:50
मास:
भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1910 · विक्रम (चैत्रादि) 2045
संवत्सर:
विभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कन्या
चंद्र राशि:
मेष 11:23 तक, फिर वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 12:30 तक, फिर कृष्ण पंचमी 10:54 (30 सित॰) तक
नक्षत्र
कृत्तिका 04:38 (30 सित॰) तक, फिर रोहिणी 04:19 (1 अक्टू॰) तक
योग
वज्र 23:16 तक, फिर सिद्धि 21:09 (30 सित॰) तक
करण
बालव 12:30 तक, फिर कौलव 23:36 तक, फिर तैतिल 10:54 (30 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:48
  • राहु काल13:54 – 15:24
  • यमगंड06:24 – 07:54
  • गुलिक काल09:24 – 10:54

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:24 – 07:54
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:24
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:54
  • चर(सामान्य)10:54 – 12:24
  • लाभ(शुभ)12:24 – 13:54
  • अमृत(शुभ)13:54 – 15:24
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:24 – 16:54
  • शुभ(शुभ)16:54 – 18:24

रात

  • अमृत(शुभ)18:24 – 19:54
  • चर(सामान्य)19:54 – 21:24
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:24 – 22:54
  • काल(वर्जित (परंपरा))22:54 – 00:24 (30 सित॰)
  • लाभ(शुभ)00:24 (30 सित॰) – 01:54 (30 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:54 (30 सित॰) – 03:24 (30 सित॰)
  • शुभ(शुभ)03:24 (30 सित॰) – 04:54 (30 सित॰)
  • अमृत(शुभ)04:54 (30 सित॰) – 06:24 (30 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

अपनी कुंडली देखें