पंचांग 22 जून 1990
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
22 जून 1990 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:59
सूर्यास्त19:13
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त19:00
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1912 · विक्रम (चैत्रादि) 2047
- संवत्सर:
- प्रमोद (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मिथुन
- चंद्र राशि:
- वृषभ 12:35 तक, फिर मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 00:24 (23 जून) तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 21:13 (23 जून) तक
- नक्षत्र
- मृगशीर्ष 23:17 तक, फिर आर्द्रा 20:55 (23 जून) तक
- योग
- गण्ड 22:18 तक, फिर वृद्धि 18:36 (23 जून) तक
- करण
- चतुष्पद 14:07 तक, फिर नाग 00:24 (23 जून) तक, फिर किंस्तुघ्न 10:46 (23 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 13:02
- राहु काल10:57 – 12:36
- यमगंड15:55 – 17:34
- गुलिक काल07:38 – 09:17
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)05:59 – 07:38
- लाभ(शुभ)07:38 – 09:17
- अमृत(शुभ)09:17 – 10:57
- काल(वर्जित (परंपरा))10:57 – 12:36
- शुभ(शुभ)12:36 – 14:15
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:15 – 15:55
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:55 – 17:34
- चर(सामान्य)17:34 – 19:13
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:13 – 20:34
- काल(वर्जित (परंपरा))20:34 – 21:55
- लाभ(शुभ)21:55 – 23:15
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:36 (23 जून)
- शुभ(शुभ)00:36 (23 जून) – 01:57 (23 जून)
- अमृत(शुभ)01:57 (23 जून) – 03:17 (23 जून)
- चर(सामान्य)03:17 (23 जून) – 04:38 (23 जून)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:38 (23 जून) – 05:59 (23 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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