पंचांग 24 सितंबर 1991
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
24 सितंबर 1991 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:29
चंद्रोदय18:35
चंद्रास्त06:29
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1913 · विक्रम (चैत्रादि) 2048
- संवत्सर:
- प्रजापति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा 03:46 (25 सित॰) तक, फिर कृष्ण द्वितीया 02:56 (26 सित॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपदा 22:26 तक, फिर रेवती 22:22 (25 सित॰) तक
- योग
- वृद्धि 02:48 (25 सित॰) तक, फिर ध्रुव 01:04 (26 सित॰) तक
- करण
- बालव 16:01 तक, फिर कौलव 03:46 (25 सित॰) तक, फिर तैतिल 15:24 (25 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:50
- राहु काल15:28 – 16:58
- यमगंड09:25 – 10:55
- गुलिक काल12:26 – 13:57
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:23 – 07:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:25
- चर(सामान्य)09:25 – 10:55
- लाभ(शुभ)10:55 – 12:26
- अमृत(शुभ)12:26 – 13:57
- काल(वर्जित (परंपरा))13:57 – 15:28
- शुभ(शुभ)15:28 – 16:58
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:58 – 18:29
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:29 – 19:58
- लाभ(शुभ)19:58 – 21:28
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:28 – 22:57
- शुभ(शुभ)22:57 – 00:26 (25 सित॰)
- अमृत(शुभ)00:26 (25 सित॰) – 01:56 (25 सित॰)
- चर(सामान्य)01:56 (25 सित॰) – 03:25 (25 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:25 (25 सित॰) – 04:54 (25 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:54 (25 सित॰) – 06:23 (25 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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