पंचांग 11 फ़रवरी 1995

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

11 फ़रवरी 1995 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:04
सूर्यास्त18:33
चंद्रोदय15:01
चंद्रास्त04:19 (12 फ़र॰)
मास:
माघ (अमांत)
संवत:
शक 1916 · विक्रम (चैत्रादि) 2051
संवत्सर:
भाव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 15:05 तक, फिर शुक्ल द्वादशी 16:40 (12 फ़र॰) तक
नक्षत्र
मृगशीर्ष 07:41 तक, फिर आर्द्रा 09:55 (12 फ़र॰) तक
योग
विष्कम्भ 23:20 तक, फिर प्रीति 23:17 (12 फ़र॰) तक
करण
विष्टि 15:05 तक, फिर बव 03:57 (12 फ़र॰) तक, फिर बालव 16:40 (12 फ़र॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
  • राहु काल09:56 – 11:22
  • यमगंड14:15 – 15:41
  • गुलिक काल07:04 – 08:30

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:04 – 08:30
  • शुभ(शुभ)08:30 – 09:56
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:56 – 11:22
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:22 – 12:48
  • चर(सामान्य)12:48 – 14:15
  • लाभ(शुभ)14:15 – 15:41
  • अमृत(शुभ)15:41 – 17:07
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:07 – 18:33

रात

  • लाभ(शुभ)18:33 – 20:07
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:07 – 21:40
  • शुभ(शुभ)21:40 – 23:14
  • अमृत(शुभ)23:14 – 00:48 (12 फ़र॰)
  • चर(सामान्य)00:48 (12 फ़र॰) – 02:22 (12 फ़र॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:22 (12 फ़र॰) – 03:56 (12 फ़र॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:56 (12 फ़र॰) – 05:30 (12 फ़र॰)
  • लाभ(शुभ)05:30 (12 फ़र॰) – 07:04 (12 फ़र॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 5

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