पंचांग 8 सितंबर 1995

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

8 सितंबर 1995 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:43
चंद्रोदय18:03
चंद्रास्त06:16 (9 सित॰)
मास:
भाद्रपद (अमांत)
संवत:
शक 1917 · विक्रम (चैत्रादि) 2052
संवत्सर:
युवा (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 10:55 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 09:06 (9 सित॰) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 06:25 तक, फिर शतभिषा 05:17 (9 सित॰) तक, फिर पूर्वभाद्रपदा 04:38 (10 सित॰) तक
योग
सुकर्मा 15:16 तक, फिर धृति 12:47 (9 सित॰) तक
करण
वणिज 10:55 तक, फिर विष्टि 21:57 तक, फिर बव 09:06 (9 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:57
  • राहु काल10:59 – 12:32
  • यमगंड15:37 – 17:10
  • गुलिक काल07:53 – 09:26

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:21 – 07:53
  • लाभ(शुभ)07:53 – 09:26
  • अमृत(शुभ)09:26 – 10:59
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:59 – 12:32
  • शुभ(शुभ)12:32 – 14:05
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:05 – 15:37
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:37 – 17:10
  • चर(सामान्य)17:10 – 18:43

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:43 – 20:10
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:10 – 21:37
  • लाभ(शुभ)21:37 – 23:05
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:05 – 00:32 (9 सित॰)
  • शुभ(शुभ)00:32 (9 सित॰) – 01:59 (9 सित॰)
  • अमृत(शुभ)01:59 (9 सित॰) – 03:26 (9 सित॰)
  • चर(सामान्य)03:26 (9 सित॰) – 04:53 (9 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:53 (9 सित॰) – 06:21 (9 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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