पंचांग 7 जनवरी 1997

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 जनवरी 1997 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:13
चंद्रोदय05:57 (8 जन॰)
चंद्रास्त16:32
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1919 · विक्रम (चैत्रादि) 2054
संवत्सर:
ईश्वर (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
वृश्चिक 17:16 तक, फिर धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 16:13 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 13:16 (8 जन॰) तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 17:16 तक, फिर मूल 15:00 (8 जन॰) तक
योग
वृद्धि 22:16 तक, फिर ध्रुव 18:31 (8 जन॰) तक
करण
वणिज 16:13 तक, फिर विष्टि 02:48 (8 जन॰) तक, फिर शकुनि 13:16 (8 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:18 – 13:03
  • राहु काल15:27 – 16:50
  • यमगंड09:54 – 11:17
  • गुलिक काल12:40 – 14:03

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:31
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:31 – 09:54
  • चर(सामान्य)09:54 – 11:17
  • लाभ(शुभ)11:17 – 12:40
  • अमृत(शुभ)12:40 – 14:03
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:03 – 15:27
  • शुभ(शुभ)15:27 – 16:50
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:50 – 18:13

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:13 – 19:50
  • लाभ(शुभ)19:50 – 21:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:27 – 23:04
  • शुभ(शुभ)23:04 – 00:40 (8 जन॰)
  • अमृत(शुभ)00:40 (8 जन॰) – 02:17 (8 जन॰)
  • चर(सामान्य)02:17 (8 जन॰) – 03:54 (8 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:54 (8 जन॰) – 05:31 (8 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:31 (8 जन॰) – 07:08 (8 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

अपनी कुंडली देखें