पंचांग 3 जनवरी 1999

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

3 जनवरी 1999 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:07
सूर्यास्त18:10
चंद्रोदय19:34
चंद्रास्त07:58
मास:
पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1920 · विक्रम (चैत्रादि) 2055
संवत्सर:
बहुधान्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 04:19 (4 जन॰) तक, फिर कृष्ण तृतीया 03:17 (5 जन॰) तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 11:10 तक, फिर पुष्य 10:16 (4 जन॰) तक
योग
वैधृति 00:12 (4 जन॰) तक, फिर विष्कम्भ 22:02 (4 जन॰) तक
करण
तैतिल 17:06 तक, फिर गर 04:19 (4 जन॰) तक, फिर वणिज 15:43 (4 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:16 – 13:00
  • राहु काल16:47 – 18:10
  • यमगंड12:38 – 14:01
  • गुलिक काल15:24 – 16:47

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:07 – 08:30
  • चर(सामान्य)08:30 – 09:53
  • लाभ(शुभ)09:53 – 11:15
  • अमृत(शुभ)11:15 – 12:38
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:38 – 14:01
  • शुभ(शुभ)14:01 – 15:24
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:24 – 16:47
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:47 – 18:10

रात

  • शुभ(शुभ)18:10 – 19:47
  • अमृत(शुभ)19:47 – 21:24
  • चर(सामान्य)21:24 – 23:01
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:01 – 00:38 (4 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:38 (4 जन॰) – 02:16 (4 जन॰)
  • लाभ(शुभ)02:16 (4 जन॰) – 03:53 (4 जन॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:53 (4 जन॰) – 05:30 (4 जन॰)
  • शुभ(शुभ)05:30 (4 जन॰) – 07:07 (4 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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