पंचांग 25 मार्च 1999
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 मार्च 1999 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:35
सूर्यास्त18:46
चंद्रोदय13:04
चंद्रास्त02:26 (26 मार्च)
- मास:
- चैत्र (अमांत)
- संवत:
- शक 1921 · विक्रम (चैत्रादि) 2056
- संवत्सर:
- प्रमाथी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- मिथुन 03:49 (26 मार्च) तक, फिर कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी 01:51 (26 मार्च) तक, फिर शुक्ल दशमी 01:11 (27 मार्च) तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 10:07 तक, फिर पुनर्वसु 09:47 (26 मार्च) तक
- योग
- शोभन 20:41 तक, फिर अतिगण्ड 18:55 (26 मार्च) तक
- करण
- बालव 14:22 तक, फिर कौलव 01:51 (26 मार्च) तक, फिर तैतिल 13:27 (26 मार्च) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:16 – 13:05
- राहु काल14:12 – 15:43
- यमगंड06:35 – 08:06
- गुलिक काल09:38 – 11:09
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:35 – 08:06
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:06 – 09:38
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:38 – 11:09
- चर(सामान्य)11:09 – 12:40
- लाभ(शुभ)12:40 – 14:12
- अमृत(शुभ)14:12 – 15:43
- काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:15
- शुभ(शुभ)17:15 – 18:46
रात
- अमृत(शुभ)18:46 – 20:15
- चर(सामान्य)20:15 – 21:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:11
- काल(वर्जित (परंपरा))23:11 – 00:40 (26 मार्च)
- लाभ(शुभ)00:40 (26 मार्च) – 02:08 (26 मार्च)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:08 (26 मार्च) – 03:37 (26 मार्च)
- शुभ(शुभ)03:37 (26 मार्च) – 05:05 (26 मार्च)
- अमृत(शुभ)05:05 (26 मार्च) – 06:34 (26 मार्च)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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