पंचांग 18 जून 2004

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

18 जून 2004 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:58
सूर्यास्त19:12
चंद्रोदय06:04
चंद्रास्त19:51
मास:
आषाढ़ (अमांत)
संवत:
शक 1926 · विक्रम (चैत्रादि) 2061
संवत्सर:
तारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 04:23 (19 जून) तक, फिर शुक्ल द्वितीया 06:40 (20 जून) तक
नक्षत्र
मृगशीर्ष 09:18 तक, फिर आर्द्रा 12:16 (19 जून) तक
योग
गण्ड 15:33 तक, फिर वृद्धि 16:29 (19 जून) तक
करण
किंस्तुघ्न 15:10 तक, फिर बव 04:23 (19 जून) तक, फिर बालव 17:33 (19 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:09 – 13:02
  • राहु काल10:56 – 12:35
  • यमगंड15:54 – 17:33
  • गुलिक काल07:37 – 09:17

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)05:58 – 07:37
  • लाभ(शुभ)07:37 – 09:17
  • अमृत(शुभ)09:17 – 10:56
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:56 – 12:35
  • शुभ(शुभ)12:35 – 14:15
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:15 – 15:54
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:54 – 17:33
  • चर(सामान्य)17:33 – 19:12

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:12 – 20:33
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:33 – 21:54
  • लाभ(शुभ)21:54 – 23:15
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:35 (19 जून)
  • शुभ(शुभ)00:35 (19 जून) – 01:56 (19 जून)
  • अमृत(शुभ)01:56 (19 जून) – 03:17 (19 जून)
  • चर(सामान्य)03:17 (19 जून) – 04:37 (19 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:37 (19 जून) – 05:58 (19 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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