पंचांग 7 दिसंबर 2004
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
7 दिसंबर 2004 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:54
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय02:52 (8 दिस॰)
चंद्रास्त14:13
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1926 · विक्रम (चैत्रादि) 2061
- संवत्सर:
- तारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 19:11 तक, फिर कृष्ण एकादशी 18:05 (8 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- हस्त 21:48 तक, फिर चित्रा 21:14 (8 दिस॰) तक
- योग
- आयुष्मान 12:54 तक, फिर सौभाग्य 11:00 (8 दिस॰) तक
- करण
- वणिज 07:26 तक, फिर विष्टि 19:11 तक, फिर बव 06:44 (8 दिस॰) तक, फिर बालव 18:05 (8 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:03 – 12:48
- राहु काल15:11 – 16:34
- यमगंड09:40 – 11:03
- गुलिक काल12:26 – 13:49
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:54 – 08:17
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:17 – 09:40
- चर(सामान्य)09:40 – 11:03
- लाभ(शुभ)11:03 – 12:26
- अमृत(शुभ)12:26 – 13:49
- काल(वर्जित (परंपरा))13:49 – 15:11
- शुभ(शुभ)15:11 – 16:34
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:34 – 17:57
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))17:57 – 19:34
- लाभ(शुभ)19:34 – 21:12
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:12 – 22:49
- शुभ(शुभ)22:49 – 00:26 (8 दिस॰)
- अमृत(शुभ)00:26 (8 दिस॰) – 02:03 (8 दिस॰)
- चर(सामान्य)02:03 (8 दिस॰) – 03:40 (8 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:40 (8 दिस॰) – 05:17 (8 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:17 (8 दिस॰) – 06:54 (8 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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