पंचांग 7 फ़रवरी 2005

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 फ़रवरी 2005 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:06
सूर्यास्त18:31
चंद्रोदय06:37 (8 फ़र॰)
चंद्रास्त16:51
मास:
पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1926 · विक्रम (चैत्रादि) 2061
संवत्सर:
तारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
धनु 10:20 तक, फिर मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 11:19 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 07:37 (8 फ़र॰) तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:08 (8 फ़र॰) तक, फिर श्रवण 23:11 (8 फ़र॰) तक
योग
सिद्धि 23:18 तक, फिर व्यतीपात 19:02 (8 फ़र॰) तक
करण
वणिज 11:19 तक, फिर विष्टि 21:29 तक, फिर शकुनि 07:37 (8 फ़र॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
  • राहु काल08:31 – 09:57
  • यमगंड11:23 – 12:48
  • गुलिक काल14:14 – 15:40

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)07:06 – 08:31
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:31 – 09:57
  • शुभ(शुभ)09:57 – 11:23
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:23 – 12:48
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:48 – 14:14
  • चर(सामान्य)14:14 – 15:40
  • लाभ(शुभ)15:40 – 17:05
  • अमृत(शुभ)17:05 – 18:31

रात

  • चर(सामान्य)18:31 – 20:05
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:05 – 21:40
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:40 – 23:14
  • लाभ(शुभ)23:14 – 00:48 (8 फ़र॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:48 (8 फ़र॰) – 02:22 (8 फ़र॰)
  • शुभ(शुभ)02:22 (8 फ़र॰) – 03:57 (8 फ़र॰)
  • अमृत(शुभ)03:57 (8 फ़र॰) – 05:31 (8 फ़र॰)
  • चर(सामान्य)05:31 (8 फ़र॰) – 07:05 (8 फ़र॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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