पंचांग 30 मार्च 2006

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

30 मार्च 2006 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:30
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय06:59
चंद्रास्त19:51
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1928 · विक्रम (चैत्रादि) 2063
संवत्सर:
व्यय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
मीन 16:35 तक, फिर मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 12:30 तक, फिर शुक्ल द्वितीया 09:37 (31 मार्च) तक
नक्षत्र
रेवती 16:35 तक, फिर अश्विनी 14:33 (31 मार्च) तक
योग
इन्द्र 18:07 तक, फिर वैधृति 14:42 (31 मार्च) तक
करण
बव 12:30 तक, फिर बालव 23:00 तक, फिर कौलव 09:37 (31 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:03
  • राहु काल14:11 – 15:43
  • यमगंड06:30 – 08:02
  • गुलिक काल09:35 – 11:07

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:30 – 08:02
  • रोग(वर्जित (परंपरा))08:02 – 09:35
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:35 – 11:07
  • चर(सामान्य)11:07 – 12:39
  • लाभ(शुभ)12:39 – 14:11
  • अमृत(शुभ)14:11 – 15:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:15
  • शुभ(शुभ)17:15 – 18:47

रात

  • अमृत(शुभ)18:47 – 20:15
  • चर(सामान्य)20:15 – 21:43
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:11
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:11 – 00:38 (31 मार्च)
  • लाभ(शुभ)00:38 (31 मार्च) – 02:06 (31 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:06 (31 मार्च) – 03:34 (31 मार्च)
  • शुभ(शुभ)03:34 (31 मार्च) – 05:02 (31 मार्च)
  • अमृत(शुभ)05:02 (31 मार्च) – 06:29 (31 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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