पंचांग 14 दिसंबर 2006
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
14 दिसंबर 2006 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:58
सूर्यास्त17:59
चंद्रोदय02:12 (15 दिस॰)
चंद्रास्त13:31
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1928 · विक्रम (चैत्रादि) 2063
- संवत्सर:
- व्यय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी 12:06 तक, फिर कृष्ण दशमी 14:40 (15 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- हस्त 02:39 (15 दिस॰) तक, फिर चित्रा 05:26 (16 दिस॰) तक
- योग
- सौभाग्य 04:55 (15 दिस॰) तक, फिर शोभन 05:36 (16 दिस॰) तक
- करण
- गर 12:06 तक, फिर वणिज 01:25 (15 दिस॰) तक, फिर विष्टि 14:40 (15 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:51
- राहु काल13:51 – 15:14
- यमगंड06:58 – 08:20
- गुलिक काल09:43 – 11:06
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:58 – 08:20
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:20 – 09:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:43 – 11:06
- चर(सामान्य)11:06 – 12:29
- लाभ(शुभ)12:29 – 13:51
- अमृत(शुभ)13:51 – 15:14
- काल(वर्जित (परंपरा))15:14 – 16:37
- शुभ(शुभ)16:37 – 17:59
रात
- अमृत(शुभ)17:59 – 19:37
- चर(सामान्य)19:37 – 21:14
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:14 – 22:51
- काल(वर्जित (परंपरा))22:51 – 00:29 (15 दिस॰)
- लाभ(शुभ)00:29 (15 दिस॰) – 02:06 (15 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:06 (15 दिस॰) – 03:43 (15 दिस॰)
- शुभ(शुभ)03:43 (15 दिस॰) – 05:21 (15 दिस॰)
- अमृत(शुभ)05:21 (15 दिस॰) – 06:58 (15 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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