पंचांग 11 फ़रवरी 2007
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 फ़रवरी 2007 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:04
सूर्यास्त18:33
चंद्रोदय02:14 (12 फ़र॰)
चंद्रास्त12:28
- मास:
- माघ (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1928 · विक्रम (चैत्रादि) 2063
- संवत्सर:
- व्यय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी 05:30 (12 फ़र॰) तक, फिर कृष्ण दशमी 06:00 (13 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- अनुराधा 05:01 (12 फ़र॰) तक, फिर ज्येष्ठा 06:05 (13 फ़र॰) तक
- योग
- ध्रुव 19:08 तक, फिर व्याघात 18:38 (12 फ़र॰) तक
- करण
- तैतिल 16:58 तक, फिर गर 05:30 (12 फ़र॰) तक, फिर वणिज 17:51 (12 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
- राहु काल17:07 – 18:33
- यमगंड12:48 – 14:14
- गुलिक काल15:41 – 17:07
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:04 – 08:30
- चर(सामान्य)08:30 – 09:56
- लाभ(शुभ)09:56 – 11:22
- अमृत(शुभ)11:22 – 12:48
- काल(वर्जित (परंपरा))12:48 – 14:14
- शुभ(शुभ)14:14 – 15:41
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:41 – 17:07
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:07 – 18:33
रात
- शुभ(शुभ)18:33 – 20:07
- अमृत(शुभ)20:07 – 21:40
- चर(सामान्य)21:40 – 23:14
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:14 – 00:48 (12 फ़र॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:48 (12 फ़र॰) – 02:22 (12 फ़र॰)
- लाभ(शुभ)02:22 (12 फ़र॰) – 03:56 (12 फ़र॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:56 (12 फ़र॰) – 05:30 (12 फ़र॰)
- शुभ(शुभ)05:30 (12 फ़र॰) – 07:04 (12 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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