पंचांग 22 फ़रवरी 2007
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
22 फ़रवरी 2007 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:58
सूर्यास्त18:37
चंद्रोदय10:10
चंद्रास्त23:29
- मास:
- फाल्गुन (अमांत)
- संवत:
- शक 1928 · विक्रम (चैत्रादि) 2063
- संवत्सर:
- व्यय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- कुंभ
- चंद्र राशि:
- मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी 04:10 (23 फ़र॰) तक, फिर शुक्ल सप्तमी 02:13 (24 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- अश्विनी 13:40 तक, फिर भरणी 12:08 (23 फ़र॰) तक
- योग
- शुक्ल 09:28 तक, फिर ब्रह्म 06:22 (23 फ़र॰) तक, फिर इन्द्र 03:38 (24 फ़र॰) तक
- करण
- कौलव 17:18 तक, फिर तैतिल 04:10 (23 फ़र॰) तक, फिर गर 15:08 (23 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:24 – 13:11
- राहु काल14:15 – 15:43
- यमगंड06:58 – 08:26
- गुलिक काल09:53 – 11:20
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:58 – 08:26
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:26 – 09:53
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:53 – 11:20
- चर(सामान्य)11:20 – 12:48
- लाभ(शुभ)12:48 – 14:15
- अमृत(शुभ)14:15 – 15:43
- काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:10
- शुभ(शुभ)17:10 – 18:37
रात
- अमृत(शुभ)18:37 – 20:10
- चर(सामान्य)20:10 – 21:42
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:42 – 23:15
- काल(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:47 (23 फ़र॰)
- लाभ(शुभ)00:47 (23 फ़र॰) – 02:20 (23 फ़र॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:20 (23 फ़र॰) – 03:52 (23 फ़र॰)
- शुभ(शुभ)03:52 (23 फ़र॰) – 05:25 (23 फ़र॰)
- अमृत(शुभ)05:25 (23 फ़र॰) – 06:58 (23 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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