पंचांग 10 जून 2007
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 जून 2007 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:10
चंद्रोदय02:17 (11 जून)
चंद्रास्त14:18
- मास:
- अधिक ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1929 · विक्रम (चैत्रादि) 2064
- संवत्सर:
- सर्वजित (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 23:38 तक, फिर कृष्ण एकादशी 20:49 (11 जून) तक
- नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपदा 08:52 तक, फिर रेवती 07:02 (11 जून) तक
- योग
- आयुष्मान 06:20 तक, फिर सौभाग्य 03:10 (11 जून) तक, फिर शोभन 23:46 (11 जून) तक
- करण
- वणिज 12:56 तक, फिर विष्टि 23:38 तक, फिर बव 10:15 (11 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 13:00
- राहु काल17:31 – 19:10
- यमगंड12:33 – 14:13
- गुलिक काल15:52 – 17:31
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
- चर(सामान्य)07:36 – 09:15
- लाभ(शुभ)09:15 – 10:54
- अमृत(शुभ)10:54 – 12:33
- काल(वर्जित (परंपरा))12:33 – 14:13
- शुभ(शुभ)14:13 – 15:52
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:52 – 17:31
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:31 – 19:10
रात
- शुभ(शुभ)19:10 – 20:31
- अमृत(शुभ)20:31 – 21:52
- चर(सामान्य)21:52 – 23:13
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:13 – 00:33 (11 जून)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:33 (11 जून) – 01:54 (11 जून)
- लाभ(शुभ)01:54 (11 जून) – 03:15 (11 जून)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:15 (11 जून) – 04:36 (11 जून)
- शुभ(शुभ)04:36 (11 जून) – 05:57 (11 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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