पंचांग 30 नवंबर 2007
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
30 नवंबर 2007 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:49
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय23:47
चंद्रास्त12:01
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1929 · विक्रम (चैत्रादि) 2064
- संवत्सर:
- सर्वजित (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कर्क 13:58 तक, फिर सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी 05:47 (1 दिस॰) तक, फिर कृष्ण अष्टमी 06:52 (2 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 13:57 तक, फिर मघा 15:06 (1 दिस॰) तक
- योग
- इन्द्र 18:57 तक, फिर वैधृति 18:22 (1 दिस॰) तक
- करण
- विष्टि 17:32 तक, फिर बव 05:47 (1 दिस॰) तक, फिर बालव 18:14 (1 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:45
- राहु काल10:59 – 12:22
- यमगंड15:09 – 16:33
- गुलिक काल08:12 – 09:36
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:49 – 08:12
- लाभ(शुभ)08:12 – 09:36
- अमृत(शुभ)09:36 – 10:59
- काल(वर्जित (परंपरा))10:59 – 12:22
- शुभ(शुभ)12:22 – 13:46
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:46 – 15:09
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:09 – 16:33
- चर(सामान्य)16:33 – 17:56
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:33
- काल(वर्जित (परंपरा))19:33 – 21:09
- लाभ(शुभ)21:09 – 22:46
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:46 – 00:23 (1 दिस॰)
- शुभ(शुभ)00:23 (1 दिस॰) – 01:59 (1 दिस॰)
- अमृत(शुभ)01:59 (1 दिस॰) – 03:36 (1 दिस॰)
- चर(सामान्य)03:36 (1 दिस॰) – 05:13 (1 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:13 (1 दिस॰) – 06:50 (1 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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