पंचांग 18 अप्रैल 2008

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

18 अप्रैल 2008 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:15
सूर्यास्त18:52
चंद्रोदय17:15
चंद्रास्त05:15 (19 अप्रैल)
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1930 · विक्रम (चैत्रादि) 2065
संवत्सर:
सर्वधारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 12:38 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 14:08 (19 अप्रैल) तक
नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी 11:22 तक, फिर हस्त 13:26 (19 अप्रैल) तक
योग
व्याघात 03:09 (19 अप्रैल) तक, फिर हर्षण 03:26 (20 अप्रैल) तक
करण
तैतिल 12:38 तक, फिर गर 01:20 (19 अप्रैल) तक, फिर वणिज 14:08 (19 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:59
  • राहु काल10:59 – 12:33
  • यमगंड15:43 – 17:17
  • गुलिक काल07:50 – 09:24

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:15 – 07:50
  • लाभ(शुभ)07:50 – 09:24
  • अमृत(शुभ)09:24 – 10:59
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:59 – 12:33
  • शुभ(शुभ)12:33 – 14:08
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:08 – 15:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:17
  • चर(सामान्य)17:17 – 18:52

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:52 – 20:17
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:17 – 21:43
  • लाभ(शुभ)21:43 – 23:08
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:08 – 00:33 (19 अप्रैल)
  • शुभ(शुभ)00:33 (19 अप्रैल) – 01:58 (19 अप्रैल)
  • अमृत(शुभ)01:58 (19 अप्रैल) – 03:24 (19 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)03:24 (19 अप्रैल) – 04:49 (19 अप्रैल)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:49 (19 अप्रैल) – 06:14 (19 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

अपनी कुंडली देखें