पंचांग 7 फ़रवरी 2009
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
7 फ़रवरी 2009 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:06
सूर्यास्त18:31
चंद्रोदय16:13
चंद्रास्त05:49 (8 फ़र॰)
- मास:
- माघ (अमांत)
- संवत:
- शक 1930 · विक्रम (चैत्रादि) 2065
- संवत्सर:
- सर्वधारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- मिथुन 00:30 (8 फ़र॰) तक, फिर कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी 02:30 (8 फ़र॰) तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 23:20 (8 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 08:20 तक, फिर पुनर्वसु 05:53 (8 फ़र॰) तक, फिर पुष्य 03:28 (9 फ़र॰) तक
- योग
- प्रीति 02:47 (8 फ़र॰) तक, फिर आयुष्मान 22:58 (8 फ़र॰) तक
- करण
- कौलव 16:06 तक, फिर तैतिल 02:30 (8 फ़र॰) तक, फिर गर 12:55 (8 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
- राहु काल09:57 – 11:23
- यमगंड14:14 – 15:40
- गुलिक काल07:06 – 08:31
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))07:06 – 08:31
- शुभ(शुभ)08:31 – 09:57
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:57 – 11:23
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:23 – 12:48
- चर(सामान्य)12:48 – 14:14
- लाभ(शुभ)14:14 – 15:40
- अमृत(शुभ)15:40 – 17:05
- काल(वर्जित (परंपरा))17:05 – 18:31
रात
- लाभ(शुभ)18:31 – 20:05
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:05 – 21:40
- शुभ(शुभ)21:40 – 23:14
- अमृत(शुभ)23:14 – 00:48 (8 फ़र॰)
- चर(सामान्य)00:48 (8 फ़र॰) – 02:22 (8 फ़र॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:22 (8 फ़र॰) – 03:57 (8 फ़र॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:57 (8 फ़र॰) – 05:31 (8 फ़र॰)
- लाभ(शुभ)05:31 (8 फ़र॰) – 07:05 (8 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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