पंचांग 11 अप्रैल 2009

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

11 अप्रैल 2009 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:50
चंद्रोदय20:32
चंद्रास्त07:08
मास:
चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1931 · विक्रम (चैत्रादि) 2066
संवत्सर:
विरोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
तुला

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 20:26 तक, फिर कृष्ण तृतीया 21:19 (12 अप्रैल) तक
नक्षत्र
स्वाती 16:55 तक, फिर विशाखा 18:20 (12 अप्रैल) तक
योग
वज्र 20:55 तक, फिर सिद्धि 20:33 (12 अप्रैल) तक
करण
तैतिल 08:13 तक, फिर गर 20:26 तक, फिर वणिज 08:48 (12 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:00
  • राहु काल09:28 – 11:02
  • यमगंड14:09 – 15:43
  • गुलिक काल06:20 – 07:54

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:20 – 07:54
  • शुभ(शुभ)07:54 – 09:28
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:28 – 11:02
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:02 – 12:35
  • चर(सामान्य)12:35 – 14:09
  • लाभ(शुभ)14:09 – 15:43
  • अमृत(शुभ)15:43 – 17:16
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:16 – 18:50

रात

  • लाभ(शुभ)18:50 – 20:16
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:16 – 21:42
  • शुभ(शुभ)21:42 – 23:09
  • अमृत(शुभ)23:09 – 00:35 (12 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)00:35 (12 अप्रैल) – 02:01 (12 अप्रैल)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:01 (12 अप्रैल) – 03:27 (12 अप्रैल)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:27 (12 अप्रैल) – 04:53 (12 अप्रैल)
  • लाभ(शुभ)04:53 (12 अप्रैल) – 06:20 (12 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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