पंचांग 18 दिसंबर 2009

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

18 दिसंबर 2009 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:00
सूर्यास्त18:01
चंद्रोदय08:22
चंद्रास्त19:39
मास:
पौष (अमांत)
संवत:
शक 1931 · विक्रम (चैत्रादि) 2066
संवत्सर:
विरोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
धनु 03:59 (19 दिस॰) तक, फिर मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 21:41 तक, फिर शुक्ल तृतीया 00:16 (20 दिस॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 21:16 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 00:16 (20 दिस॰) तक
योग
वृद्धि 15:58 तक, फिर ध्रुव 16:46 (19 दिस॰) तक
करण
बालव 08:30 तक, फिर कौलव 21:41 तक, फिर तैतिल 10:57 (19 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:53
  • राहु काल11:08 – 12:31
  • यमगंड15:16 – 16:39
  • गुलिक काल08:23 – 09:45

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)07:00 – 08:23
  • लाभ(शुभ)08:23 – 09:45
  • अमृत(शुभ)09:45 – 11:08
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:08 – 12:31
  • शुभ(शुभ)12:31 – 13:53
  • रोग(वर्जित (परंपरा))13:53 – 15:16
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:16 – 16:39
  • चर(सामान्य)16:39 – 18:01

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:01 – 19:39
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:39 – 21:16
  • लाभ(शुभ)21:16 – 22:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:53 – 00:31 (19 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)00:31 (19 दिस॰) – 02:08 (19 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)02:08 (19 दिस॰) – 03:46 (19 दिस॰)
  • चर(सामान्य)03:46 (19 दिस॰) – 05:23 (19 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:23 (19 दिस॰) – 07:00 (19 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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