पंचांग 11 जून 2010
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 जून 2010 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:10
चंद्रोदय05:31 (12 जून)
चंद्रास्त18:14
- मास:
- वैशाख (अमांत) · ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1932 · विक्रम (चैत्रादि) 2067
- संवत्सर:
- विकृति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 18:34 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 16:44 (12 जून) तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका 10:43 तक, फिर रोहिणी 09:48 (12 जून) तक
- योग
- सुकर्मा 06:01 तक, फिर धृति 03:44 (12 जून) तक, फिर शूल 01:03 (13 जून) तक
- करण
- विष्टि 07:18 तक, फिर शकुनि 18:34 तक, फिर चतुष्पद 05:43 (12 जून) तक, फिर नाग 16:44 (12 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 13:00
- राहु काल10:54 – 12:34
- यमगंड15:52 – 17:31
- गुलिक काल07:36 – 09:15
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)05:57 – 07:36
- लाभ(शुभ)07:36 – 09:15
- अमृत(शुभ)09:15 – 10:54
- काल(वर्जित (परंपरा))10:54 – 12:34
- शुभ(शुभ)12:34 – 14:13
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:13 – 15:52
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:52 – 17:31
- चर(सामान्य)17:31 – 19:10
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:10 – 20:31
- काल(वर्जित (परंपरा))20:31 – 21:52
- लाभ(शुभ)21:52 – 23:13
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:13 – 00:34 (12 जून)
- शुभ(शुभ)00:34 (12 जून) – 01:55 (12 जून)
- अमृत(शुभ)01:55 (12 जून) – 03:15 (12 जून)
- चर(सामान्य)03:15 (12 जून) – 04:36 (12 जून)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:36 (12 जून) – 05:57 (12 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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