पंचांग 6 जुलाई 2011

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

6 जुलाई 2011 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:03
सूर्यास्त19:15
चंद्रोदय10:41
चंद्रास्त23:02
मास:
आषाढ़ (अमांत)
संवत:
शक 1933 · विक्रम (चैत्रादि) 2068
संवत्सर:
खर (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
सिंह 23:19 तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 03:29 (7 जुल॰) तक, फिर शुक्ल सप्तमी 01:08 (8 जुल॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 17:42 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 16:10 (7 जुल॰) तक
योग
व्यतीपात 17:35 तक, फिर वरीयान 14:37 (7 जुल॰) तक
करण
कौलव 16:39 तक, फिर तैतिल 03:29 (7 जुल॰) तक, फिर गर 14:19 (7 जुल॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:12 – 13:05परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:39 – 14:18
  • यमगंड07:42 – 09:21
  • गुलिक काल11:00 – 12:39

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:03 – 07:42
  • अमृत(शुभ)07:42 – 09:21
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:21 – 11:00
  • शुभ(शुभ)11:00 – 12:39
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:18
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:18 – 15:57
  • चर(सामान्य)15:57 – 17:36
  • लाभ(शुभ)17:36 – 19:15

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:15 – 20:36
  • शुभ(शुभ)20:36 – 21:57
  • अमृत(शुभ)21:57 – 23:18
  • चर(सामान्य)23:18 – 00:39 (7 जुल॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:39 (7 जुल॰) – 02:00 (7 जुल॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))02:00 (7 जुल॰) – 03:21 (7 जुल॰)
  • लाभ(शुभ)03:21 (7 जुल॰) – 04:42 (7 जुल॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:42 (7 जुल॰) – 06:03 (7 जुल॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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