पंचांग 5 जून 2012

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

5 जून 2012 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:09
चंद्रोदय20:13
चंद्रास्त06:37
मास:
ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1934 · विक्रम (चैत्रादि) 2069
संवत्सर:
नंदन (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
वृश्चिक 08:23 तक, फिर धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 13:15 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 10:07 (6 जून) तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 08:23 तक, फिर मूल 06:00 (6 जून) तक
योग
साध्य 12:11 तक, फिर शुभ 08:32 (6 जून) तक
करण
कौलव 13:15 तक, फिर तैतिल 23:38 तक, फिर गर 10:07 (6 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:59
  • राहु काल15:51 – 17:30
  • यमगंड09:15 – 10:54
  • गुलिक काल12:33 – 14:12

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:36 – 09:15
  • चर(सामान्य)09:15 – 10:54
  • लाभ(शुभ)10:54 – 12:33
  • अमृत(शुभ)12:33 – 14:12
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:12 – 15:51
  • शुभ(शुभ)15:51 – 17:30
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:30 – 19:09

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))19:09 – 20:30
  • लाभ(शुभ)20:30 – 21:51
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:51 – 23:12
  • शुभ(शुभ)23:12 – 00:33 (6 जून)
  • अमृत(शुभ)00:33 (6 जून) – 01:54 (6 जून)
  • चर(सामान्य)01:54 (6 जून) – 03:15 (6 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:15 (6 जून) – 04:36 (6 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:36 (6 जून) – 05:57 (6 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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