पंचांग 19 अगस्त 2012
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
19 अगस्त 2012 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:17
सूर्यास्त18:58
चंद्रोदय07:37
चंद्रास्त20:01
- मास:
- अधिक भाद्रपद (अमांत)
- संवत:
- शक 1934 · विक्रम (चैत्रादि) 2069
- संवत्सर:
- नंदन (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- सिंह 00:00 (20 अग॰) तक, फिर कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया 18:40 तक, फिर शुक्ल तृतीया 16:50 (20 अग॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाफाल्गुनी 18:14 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 17:10 (20 अग॰) तक
- योग
- शिव 13:33 तक, फिर सिद्ध 11:03 (20 अग॰) तक
- करण
- बालव 07:29 तक, फिर कौलव 18:40 तक, फिर तैतिल 05:47 (20 अग॰) तक, फिर गर 16:50 (20 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 13:03
- राहु काल17:23 – 18:58
- यमगंड12:37 – 14:13
- गुलिक काल15:48 – 17:23
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:17 – 07:52
- चर(सामान्य)07:52 – 09:27
- लाभ(शुभ)09:27 – 11:02
- अमृत(शुभ)11:02 – 12:37
- काल(वर्जित (परंपरा))12:37 – 14:13
- शुभ(शुभ)14:13 – 15:48
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:48 – 17:23
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:23 – 18:58
रात
- शुभ(शुभ)18:58 – 20:23
- अमृत(शुभ)20:23 – 21:48
- चर(सामान्य)21:48 – 23:13
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:13 – 00:38 (20 अग॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:38 (20 अग॰) – 02:02 (20 अग॰)
- लाभ(शुभ)02:02 (20 अग॰) – 03:27 (20 अग॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:27 (20 अग॰) – 04:52 (20 अग॰)
- शुभ(शुभ)04:52 (20 अग॰) – 06:17 (20 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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