पंचांग 18 अगस्त 2013
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
18 अगस्त 2013 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:16
सूर्यास्त18:59
चंद्रोदय16:32
चंद्रास्त04:12 (19 अग॰)
- मास:
- श्रावण (अमांत)
- संवत:
- शक 1935 · विक्रम (चैत्रादि) 2070
- संवत्सर:
- विजय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- धनु 00:01 (19 अग॰) तक, फिर मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी 16:58 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 13:39 (19 अग॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 18:38 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 16:08 (19 अग॰) तक
- योग
- प्रीति 16:03 तक, फिर आयुष्मान 12:15 (19 अग॰) तक
- करण
- बव 06:35 तक, फिर बालव 16:58 तक, फिर कौलव 03:19 (19 अग॰) तक, फिर तैतिल 13:39 (19 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 13:03
- राहु काल17:24 – 18:59
- यमगंड12:38 – 14:13
- गुलिक काल15:48 – 17:24
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:16 – 07:52
- चर(सामान्य)07:52 – 09:27
- लाभ(शुभ)09:27 – 11:02
- अमृत(शुभ)11:02 – 12:38
- काल(वर्जित (परंपरा))12:38 – 14:13
- शुभ(शुभ)14:13 – 15:48
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:48 – 17:24
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:24 – 18:59
रात
- शुभ(शुभ)18:59 – 20:24
- अमृत(शुभ)20:24 – 21:48
- चर(सामान्य)21:48 – 23:13
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:13 – 00:38 (19 अग॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:38 (19 अग॰) – 02:03 (19 अग॰)
- लाभ(शुभ)02:03 (19 अग॰) – 03:27 (19 अग॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:27 (19 अग॰) – 04:52 (19 अग॰)
- शुभ(शुभ)04:52 (19 अग॰) – 06:17 (19 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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