पंचांग 2 फ़रवरी 2014
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
2 फ़रवरी 2014 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:07
सूर्यास्त18:28
चंद्रोदय08:47
चंद्रास्त21:08
- मास:
- माघ (अमांत)
- संवत:
- शक 1935 · विक्रम (चैत्रादि) 2070
- संवत्सर:
- विजय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- कुंभ 00:25 (3 फ़र॰) तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया 16:54 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 14:34 (3 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- शतभिषा 07:54 तक, फिर पूर्वभाद्रपदा 06:00 (3 फ़र॰) तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 04:49 (4 फ़र॰) तक
- योग
- परिघ 14:24 तक, फिर शिव 11:12 (3 फ़र॰) तक
- करण
- गर 16:54 तक, फिर वणिज 03:38 (3 फ़र॰) तक, फिर विष्टि 14:34 (3 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
- राहु काल17:03 – 18:28
- यमगंड12:48 – 14:13
- गुलिक काल15:38 – 17:03
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:07 – 08:32
- चर(सामान्य)08:32 – 09:58
- लाभ(शुभ)09:58 – 11:23
- अमृत(शुभ)11:23 – 12:48
- काल(वर्जित (परंपरा))12:48 – 14:13
- शुभ(शुभ)14:13 – 15:38
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:38 – 17:03
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:03 – 18:28
रात
- शुभ(शुभ)18:28 – 20:03
- अमृत(शुभ)20:03 – 21:38
- चर(सामान्य)21:38 – 23:13
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:13 – 00:48 (3 फ़र॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:48 (3 फ़र॰) – 02:23 (3 फ़र॰)
- लाभ(शुभ)02:23 (3 फ़र॰) – 03:57 (3 फ़र॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:57 (3 फ़र॰) – 05:32 (3 फ़र॰)
- शुभ(शुभ)05:32 (3 फ़र॰) – 07:07 (3 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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