पंचांग 19 फ़रवरी 2015
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
19 फ़रवरी 2015 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:00
सूर्यास्त18:36
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त19:06
- मास:
- फाल्गुन (अमांत)
- संवत:
- शक 1936 · विक्रम (चैत्रादि) 2071
- संवत्सर:
- जय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- कुंभ
- चंद्र राशि:
- कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा 01:29 (20 फ़र॰) तक, फिर शुक्ल द्वितीया 21:51 (20 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- शतभिषा 03:25 (20 फ़र॰) तक, फिर पूर्वभाद्रपदा 00:33 (21 फ़र॰) तक
- योग
- परिघ 07:28 तक, फिर शिव 03:08 (20 फ़र॰) तक, फिर सिद्ध 22:57 (20 फ़र॰) तक
- करण
- किंस्तुघ्न 15:23 तक, फिर बव 01:29 (20 फ़र॰) तक, फिर बालव 11:38 (20 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
- राहु काल14:15 – 15:42
- यमगंड07:00 – 08:27
- गुलिक काल09:54 – 11:21
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)07:00 – 08:27
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:27 – 09:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:54 – 11:21
- चर(सामान्य)11:21 – 12:48
- लाभ(शुभ)12:48 – 14:15
- अमृत(शुभ)14:15 – 15:42
- काल(वर्जित (परंपरा))15:42 – 17:09
- शुभ(शुभ)17:09 – 18:36
रात
- अमृत(शुभ)18:36 – 20:09
- चर(सामान्य)20:09 – 21:42
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:42 – 23:15
- काल(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:48 (20 फ़र॰)
- लाभ(शुभ)00:48 (20 फ़र॰) – 02:21 (20 फ़र॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:21 (20 फ़र॰) – 03:54 (20 फ़र॰)
- शुभ(शुभ)03:54 (20 फ़र॰) – 05:26 (20 फ़र॰)
- अमृत(शुभ)05:26 (20 फ़र॰) – 06:59 (20 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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