पंचांग 2 जुलाई 2015
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
2 जुलाई 2015 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:01
सूर्यास्त19:15
चंद्रोदय19:28
चंद्रास्त06:07
- मास:
- अधिक आषाढ़ (अमांत)
- संवत:
- शक 1937 · विक्रम (चैत्रादि) 2072
- संवत्सर:
- मन्मथ (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मिथुन
- चंद्र राशि:
- धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा 07:49 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 05:42 (3 जुल॰) तक, फिर कृष्ण द्वितीया 03:18 (4 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 02:15 (3 जुल॰) तक, फिर उत्तराषाढ़ा 00:40 (4 जुल॰) तक
- योग
- ब्रह्म 10:27 तक, फिर इन्द्र 07:40 (3 जुल॰) तक
- करण
- बव 07:49 तक, फिर बालव 18:49 तक, फिर कौलव 05:42 (3 जुल॰) तक, फिर तैतिल 16:32 (3 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 13:04
- राहु काल14:17 – 15:56
- यमगंड06:01 – 07:40
- गुलिक काल09:20 – 10:59
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:01 – 07:40
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:40 – 09:20
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:20 – 10:59
- चर(सामान्य)10:59 – 12:38
- लाभ(शुभ)12:38 – 14:17
- अमृत(शुभ)14:17 – 15:56
- काल(वर्जित (परंपरा))15:56 – 17:35
- शुभ(शुभ)17:35 – 19:15
रात
- अमृत(शुभ)19:15 – 20:36
- चर(सामान्य)20:36 – 21:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:56 – 23:17
- काल(वर्जित (परंपरा))23:17 – 00:38 (3 जुल॰)
- लाभ(शुभ)00:38 (3 जुल॰) – 01:59 (3 जुल॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:59 (3 जुल॰) – 03:20 (3 जुल॰)
- शुभ(शुभ)03:20 (3 जुल॰) – 04:41 (3 जुल॰)
- अमृत(शुभ)04:41 (3 जुल॰) – 06:02 (3 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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