पंचांग 14 अक्टूबर 2019
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
14 अक्टूबर 2019 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:27
सूर्यास्त18:13
चंद्रोदय18:47
चंद्रास्त06:40
- मास:
- आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1941 · विक्रम (चैत्रादि) 2076
- संवत्सर:
- विकारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- मीन 10:20 तक, फिर मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा 04:21 (15 अक्टू॰) तक, फिर कृष्ण द्वितीया 05:45 (16 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- रेवती 10:20 तक, फिर अश्विनी 12:30 (15 अक्टू॰) तक
- योग
- हर्षण 04:58 (15 अक्टू॰) तक, फिर वज्र 04:59 (16 अक्टू॰) तक
- करण
- बालव 15:31 तक, फिर कौलव 04:21 (15 अक्टू॰) तक, फिर तैतिल 17:05 (15 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:57 – 12:44
- राहु काल07:56 – 09:24
- यमगंड10:52 – 12:20
- गुलिक काल13:48 – 15:16
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:27 – 07:56
- काल(वर्जित (परंपरा))07:56 – 09:24
- शुभ(शुभ)09:24 – 10:52
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:52 – 12:20
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:20 – 13:48
- चर(सामान्य)13:48 – 15:16
- लाभ(शुभ)15:16 – 16:44
- अमृत(शुभ)16:44 – 18:13
रात
- चर(सामान्य)18:13 – 19:45
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:45 – 21:16
- काल(वर्जित (परंपरा))21:16 – 22:48
- लाभ(शुभ)22:48 – 00:20 (15 अक्टू॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:20 (15 अक्टू॰) – 01:52 (15 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)01:52 (15 अक्टू॰) – 03:24 (15 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)03:24 (15 अक्टू॰) – 04:56 (15 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)04:56 (15 अक्टू॰) – 06:28 (15 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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