पंचांग 11 नवंबर 2021
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 नवंबर 2021 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:38
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय13:03
चंद्रास्त00:31 (12 नव॰)
- मास:
- कार्तिक (अमांत)
- संवत:
- शक 1943 · विक्रम (चैत्रादि) 2078
- संवत्सर:
- प्लव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- तुला
- चंद्र राशि:
- मकर 02:51 (12 नव॰) तक, फिर कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी 06:50 तक, फिर शुक्ल अष्टमी 05:51 (12 नव॰) तक, फिर शुक्ल नवमी 05:31 (13 नव॰) तक
- नक्षत्र
- श्रवण 14:58 तक, फिर धनिष्ठा 14:53 (12 नव॰) तक
- योग
- गण्ड 06:42 तक, फिर वृद्धि 04:43 (12 नव॰) तक, फिर ध्रुव 03:15 (13 नव॰) तक
- करण
- वणिज 06:50 तक, फिर विष्टि 18:16 तक, फिर बव 05:51 (12 नव॰) तक, फिर बालव 17:36 (12 नव॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:41
- राहु काल13:43 – 15:08
- यमगंड06:38 – 08:03
- गुलिक काल09:28 – 10:53
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:38 – 08:03
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:03 – 09:28
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:28 – 10:53
- चर(सामान्य)10:53 – 12:18
- लाभ(शुभ)12:18 – 13:43
- अमृत(शुभ)13:43 – 15:08
- काल(वर्जित (परंपरा))15:08 – 16:33
- शुभ(शुभ)16:33 – 17:57
रात
- अमृत(शुभ)17:57 – 19:33
- चर(सामान्य)19:33 – 21:08
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:08 – 22:43
- काल(वर्जित (परंपरा))22:43 – 00:18 (12 नव॰)
- लाभ(शुभ)00:18 (12 नव॰) – 01:53 (12 नव॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:53 (12 नव॰) – 03:29 (12 नव॰)
- शुभ(शुभ)03:29 (12 नव॰) – 05:04 (12 नव॰)
- अमृत(शुभ)05:04 (12 नव॰) – 06:39 (12 नव॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें