पंचांग 11 अप्रैल 2023
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 अप्रैल 2023 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:50
चंद्रोदय23:59
चंद्रास्त10:04
- मास:
- चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
- संवत्सर:
- शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 12:58 तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी 07:18 तक, फिर कृष्ण षष्ठी 05:40 (12 अप्रैल) तक, फिर कृष्ण सप्तमी 03:44 (13 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 12:58 तक, फिर मूल 11:58 (12 अप्रैल) तक
- योग
- वरीयान 17:52 तक, फिर परिघ 15:19 (12 अप्रैल) तक
- करण
- तैतिल 07:18 तक, फिर गर 18:31 तक, फिर वणिज 05:40 (12 अप्रैल) तक, फिर विष्टि 16:44 (12 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:00
- राहु काल15:43 – 17:16
- यमगंड09:28 – 11:02
- गुलिक काल12:35 – 14:09
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:21 – 07:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:28
- चर(सामान्य)09:28 – 11:02
- लाभ(शुभ)11:02 – 12:35
- अमृत(शुभ)12:35 – 14:09
- काल(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:43
- शुभ(शुभ)15:43 – 17:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:16 – 18:50
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:50 – 20:16
- लाभ(शुभ)20:16 – 21:42
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:42 – 23:09
- शुभ(शुभ)23:09 – 00:35 (12 अप्रैल)
- अमृत(शुभ)00:35 (12 अप्रैल) – 02:01 (12 अप्रैल)
- चर(सामान्य)02:01 (12 अप्रैल) – 03:27 (12 अप्रैल)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:27 (12 अप्रैल) – 04:54 (12 अप्रैल)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:54 (12 अप्रैल) – 06:20 (12 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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