पंचांग 26 अप्रैल 2023

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

26 अप्रैल 2023 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:10
सूर्यास्त18:54
चंद्रोदय10:58
चंद्रास्त00:43 (27 अप्रैल)
मास:
वैशाख (अमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
मिथुन 00:18 (27 अप्रैल) तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 11:28 तक, फिर शुक्ल सप्तमी 13:39 (27 अप्रैल) तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 06:59 (27 अप्रैल) तक
योग
सुकर्मा 08:06 तक, फिर धृति 08:46 (27 अप्रैल) तक
करण
तैतिल 11:28 तक, फिर गर 00:31 (27 अप्रैल) तक, फिर वणिज 13:39 (27 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:58परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:32 – 14:08
  • यमगंड07:46 – 09:21
  • गुलिक काल10:57 – 12:32

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:10 – 07:46
  • अमृत(शुभ)07:46 – 09:21
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:21 – 10:57
  • शुभ(शुभ)10:57 – 12:32
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:08
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:08 – 15:43
  • चर(सामान्य)15:43 – 17:19
  • लाभ(शुभ)17:19 – 18:54

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:54 – 20:18
  • शुभ(शुभ)20:18 – 21:43
  • अमृत(शुभ)21:43 – 23:07
  • चर(सामान्य)23:07 – 00:32 (27 अप्रैल)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:32 (27 अप्रैल) – 01:56 (27 अप्रैल)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:56 (27 अप्रैल) – 03:21 (27 अप्रैल)
  • लाभ(शुभ)03:21 (27 अप्रैल) – 04:45 (27 अप्रैल)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:45 (27 अप्रैल) – 06:09 (27 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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