पंचांग 13 अगस्त 2023

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

13 अगस्त 2023 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:15
सूर्यास्त19:03
चंद्रोदय04:16 (14 अग॰)
चंद्रास्त17:10
मास:
अधिक श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
मिथुन 04:25 (14 अग॰) तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 08:20 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 10:25 (14 अग॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 08:26 तक, फिर पुनर्वसु 11:06 (14 अग॰) तक
योग
वज्र 15:55 तक, फिर सिद्धि 16:39 (14 अग॰) तक
करण
तैतिल 08:20 तक, फिर गर 21:21 तक, फिर वणिज 10:25 (14 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:04
  • राहु काल17:27 – 19:03
  • यमगंड12:39 – 14:15
  • गुलिक काल15:51 – 17:27

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:15 – 07:51
  • चर(सामान्य)07:51 – 09:27
  • लाभ(शुभ)09:27 – 11:03
  • अमृत(शुभ)11:03 – 12:39
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:15
  • शुभ(शुभ)14:15 – 15:51
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:51 – 17:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:27 – 19:03

रात

  • शुभ(शुभ)19:03 – 20:27
  • अमृत(शुभ)20:27 – 21:51
  • चर(सामान्य)21:51 – 23:15
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:39 (14 अग॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:39 (14 अग॰) – 02:03 (14 अग॰)
  • लाभ(शुभ)02:03 (14 अग॰) – 03:27 (14 अग॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:27 (14 अग॰) – 04:51 (14 अग॰)
  • शुभ(शुभ)04:51 (14 अग॰) – 06:15 (14 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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