पंचांग 30 सितंबर 2023
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
30 सितंबर 2023 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:24
सूर्यास्त18:24
चंद्रोदय19:12
चंद्रास्त07:05
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
- संवत्सर:
- शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- मीन 21:08 तक, फिर मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा 12:21 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 09:42 (1 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- रेवती 21:08 तक, फिर अश्विनी 19:27 (1 अक्टू॰) तक
- योग
- ध्रुव 16:26 तक, फिर व्याघात 13:13 (1 अक्टू॰) तक
- करण
- कौलव 12:21 तक, फिर तैतिल 22:58 तक, फिर गर 09:42 (1 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:48
- राहु काल09:24 – 10:54
- यमगंड13:54 – 15:24
- गुलिक काल06:24 – 07:54
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:24 – 07:54
- शुभ(शुभ)07:54 – 09:24
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:54 – 12:24
- चर(सामान्य)12:24 – 13:54
- लाभ(शुभ)13:54 – 15:24
- अमृत(शुभ)15:24 – 16:54
- काल(वर्जित (परंपरा))16:54 – 18:24
रात
- लाभ(शुभ)18:24 – 19:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:54 – 21:24
- शुभ(शुभ)21:24 – 22:54
- अमृत(शुभ)22:54 – 00:24 (1 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)00:24 (1 अक्टू॰) – 01:54 (1 अक्टू॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))01:54 (1 अक्टू॰) – 03:24 (1 अक्टू॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:24 (1 अक्टू॰) – 04:54 (1 अक्टू॰)
- लाभ(शुभ)04:54 (1 अक्टू॰) – 06:24 (1 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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