पंचांग 8 दिसंबर 2023
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 दिसंबर 2023 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:54
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय03:19 (9 दिस॰)
चंद्रास्त14:32
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
- संवत्सर:
- शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कन्या 21:53 तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी 06:31 (9 दिस॰) तक, फिर कृष्ण द्वादशी 07:13 (10 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- हस्त 08:53 तक, फिर चित्रा 10:42 (9 दिस॰) तक
- योग
- सौभाग्य 00:04 (9 दिस॰) तक, फिर शोभन 23:36 (9 दिस॰) तक
- करण
- बव 17:54 तक, फिर बालव 06:31 (9 दिस॰) तक, फिर कौलव 18:58 (9 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:04 – 12:48
- राहु काल11:03 – 12:26
- यमगंड15:12 – 16:34
- गुलिक काल08:17 – 09:40
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:54 – 08:17
- लाभ(शुभ)08:17 – 09:40
- अमृत(शुभ)09:40 – 11:03
- काल(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:26
- शुभ(शुभ)12:26 – 13:49
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:49 – 15:12
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:12 – 16:34
- चर(सामान्य)16:34 – 17:57
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:57 – 19:35
- काल(वर्जित (परंपरा))19:35 – 21:12
- लाभ(शुभ)21:12 – 22:49
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:49 – 00:26 (9 दिस॰)
- शुभ(शुभ)00:26 (9 दिस॰) – 02:03 (9 दिस॰)
- अमृत(शुभ)02:03 (9 दिस॰) – 03:40 (9 दिस॰)
- चर(सामान्य)03:40 (9 दिस॰) – 05:17 (9 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:17 (9 दिस॰) – 06:55 (9 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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