पंचांग 20 दिसंबर 2023
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
20 दिसंबर 2023 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:01
सूर्यास्त18:02
चंद्रोदय13:00
चंद्रास्त01:29 (21 दिस॰)
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
- संवत्सर:
- शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी 11:14 तक, फिर शुक्ल नवमी 09:38 (21 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपदा 22:57 तक, फिर रेवती 22:09 (21 दिस॰) तक
- योग
- व्यतीपात 15:56 तक, फिर वरीयान 13:27 (21 दिस॰) तक
- करण
- बव 11:14 तक, फिर बालव 22:24 तक, फिर कौलव 09:38 (21 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:53परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:31 – 13:54
- यमगंड08:23 – 09:46
- गुलिक काल11:09 – 12:31
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)07:01 – 08:23
- अमृत(शुभ)08:23 – 09:46
- काल(वर्जित (परंपरा))09:46 – 11:09
- शुभ(शुभ)11:09 – 12:31
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 13:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:54 – 15:17
- चर(सामान्य)15:17 – 16:39
- लाभ(शुभ)16:39 – 18:02
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:02 – 19:39
- शुभ(शुभ)19:39 – 21:17
- अमृत(शुभ)21:17 – 22:54
- चर(सामान्य)22:54 – 00:32 (21 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:32 (21 दिस॰) – 02:09 (21 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:09 (21 दिस॰) – 03:46 (21 दिस॰)
- लाभ(शुभ)03:46 (21 दिस॰) – 05:24 (21 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:24 (21 दिस॰) – 07:01 (21 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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