पंचांग 23 दिसंबर 2023

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

23 दिसंबर 2023 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:02
सूर्यास्त18:03
चंद्रोदय14:58
चंद्रास्त04:22 (24 दिस॰)
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
मेष 03:17 (24 दिस॰) तक, फिर वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 07:12 तक, फिर शुक्ल द्वादशी 06:24 (24 दिस॰) तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 05:55 (25 दिस॰) तक
नक्षत्र
भरणी 21:18 तक, फिर कृत्तिका 21:19 (24 दिस॰) तक
योग
शिव 09:07 तक, फिर सिद्ध 07:17 (24 दिस॰) तक
करण
विष्टि 07:12 तक, फिर बव 18:46 तक, फिर बालव 06:24 (24 दिस॰) तक, फिर कौलव 18:07 (24 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:11 – 12:55
  • राहु काल09:48 – 11:10
  • यमगंड13:56 – 15:18
  • गुलिक काल07:02 – 08:25

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:02 – 08:25
  • शुभ(शुभ)08:25 – 09:48
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:48 – 11:10
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:10 – 12:33
  • चर(सामान्य)12:33 – 13:56
  • लाभ(शुभ)13:56 – 15:18
  • अमृत(शुभ)15:18 – 16:41
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:41 – 18:03

रात

  • लाभ(शुभ)18:03 – 19:41
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:41 – 21:18
  • शुभ(शुभ)21:18 – 22:56
  • अमृत(शुभ)22:56 – 00:33 (24 दिस॰)
  • चर(सामान्य)00:33 (24 दिस॰) – 02:11 (24 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:11 (24 दिस॰) – 03:48 (24 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:48 (24 दिस॰) – 05:25 (24 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)05:25 (24 दिस॰) – 07:03 (24 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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