पंचांग 9 जनवरी 2024

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

9 जनवरी 2024 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:13
चंद्रोदय05:57 (10 जन॰)
चंद्रास्त16:00
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
संवत्सर:
क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
वृश्चिक 21:11 तक, फिर धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 22:25 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 20:11 (10 जन॰) तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 21:11 तक, फिर मूल 19:40 (10 जन॰) तक
योग
वृद्धि 00:21 (10 जन॰) तक, फिर ध्रुव 21:17 (10 जन॰) तक
करण
गर 11:17 तक, फिर वणिज 22:25 तक, फिर विष्टि 09:22 (10 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:19 – 13:03
  • राहु काल15:27 – 16:50
  • यमगंड09:55 – 11:18
  • गुलिक काल12:41 – 14:04

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:31
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:31 – 09:55
  • चर(सामान्य)09:55 – 11:18
  • लाभ(शुभ)11:18 – 12:41
  • अमृत(शुभ)12:41 – 14:04
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:04 – 15:27
  • शुभ(शुभ)15:27 – 16:50
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:50 – 18:13

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:13 – 19:50
  • लाभ(शुभ)19:50 – 21:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:27 – 23:04
  • शुभ(शुभ)23:04 – 00:41 (10 जन॰)
  • अमृत(शुभ)00:41 (10 जन॰) – 02:18 (10 जन॰)
  • चर(सामान्य)02:18 (10 जन॰) – 03:55 (10 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:55 (10 जन॰) – 05:32 (10 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:32 (10 जन॰) – 07:09 (10 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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