पंचांग 12 फ़रवरी 2024

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

12 फ़रवरी 2024 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:04
सूर्यास्त18:33
चंद्रोदय08:54
चंद्रास्त21:11
मास:
माघ (अमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
कुंभ 09:35 तक, फिर मीन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 17:44 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 14:42 (13 फ़र॰) तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपदा 14:56 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 12:35 (13 फ़र॰) तक
योग
सिद्ध 02:36 (13 फ़र॰) तक, फिर साध्य 23:04 (13 फ़र॰) तक
करण
तैतिल 07:25 तक, फिर गर 17:44 तक, फिर वणिज 04:10 (13 फ़र॰) तक, फिर विष्टि 14:42 (13 फ़र॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
  • राहु काल08:30 – 09:56
  • यमगंड11:22 – 12:48
  • गुलिक काल14:15 – 15:41

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)07:04 – 08:30
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:30 – 09:56
  • शुभ(शुभ)09:56 – 11:22
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:22 – 12:48
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:48 – 14:15
  • चर(सामान्य)14:15 – 15:41
  • लाभ(शुभ)15:41 – 17:07
  • अमृत(शुभ)17:07 – 18:33

रात

  • चर(सामान्य)18:33 – 20:07
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:07 – 21:41
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:41 – 23:14
  • लाभ(शुभ)23:14 – 00:48 (13 फ़र॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:48 (13 फ़र॰) – 02:22 (13 फ़र॰)
  • शुभ(शुभ)02:22 (13 फ़र॰) – 03:56 (13 फ़र॰)
  • अमृत(शुभ)03:56 (13 फ़र॰) – 05:29 (13 फ़र॰)
  • चर(सामान्य)05:29 (13 फ़र॰) – 07:03 (13 फ़र॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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