पंचांग 23 फ़रवरी 2024

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

23 फ़रवरी 2024 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:58
सूर्यास्त18:38
चंद्रोदय17:47
चंद्रास्त06:54 (24 फ़र॰)
मास:
माघ (अमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
कुंभ
चंद्र राशि:
कर्क 19:25 तक, फिर सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 15:34 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 18:00 (24 फ़र॰) तक
नक्षत्र
आश्लेषा 19:25 तक, फिर मघा 22:20 (24 फ़र॰) तक
योग
शोभन 12:47 तक, फिर अतिगण्ड 13:33 (24 फ़र॰) तक
करण
वणिज 15:34 तक, फिर विष्टि 04:45 (24 फ़र॰) तक, फिर बव 18:00 (24 फ़र॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:24 – 13:11
  • राहु काल11:20 – 12:48
  • यमगंड15:43 – 17:10
  • गुलिक काल08:25 – 09:53

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:58 – 08:25
  • लाभ(शुभ)08:25 – 09:53
  • अमृत(शुभ)09:53 – 11:20
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:20 – 12:48
  • शुभ(शुभ)12:48 – 14:15
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:15 – 15:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:10
  • चर(सामान्य)17:10 – 18:38

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:38 – 20:10
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:10 – 21:42
  • लाभ(शुभ)21:42 – 23:15
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:47 (24 फ़र॰)
  • शुभ(शुभ)00:47 (24 फ़र॰) – 02:20 (24 फ़र॰)
  • अमृत(शुभ)02:20 (24 फ़र॰) – 03:52 (24 फ़र॰)
  • चर(सामान्य)03:52 (24 फ़र॰) – 05:25 (24 फ़र॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:25 (24 फ़र॰) – 06:57 (24 फ़र॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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