पंचांग 17 अप्रैल 2024
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
17 अप्रैल 2024 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:16
सूर्यास्त18:52
चंद्रोदय13:37
चंद्रास्त02:55 (18 अप्रैल)
- मास:
- चैत्र (अमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मेष
- चंद्र राशि:
- कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी 15:14 तक, फिर शुक्ल दशमी 17:32 (18 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 07:56 (18 अप्रैल) तक
- योग
- शूल 23:50 तक, फिर गण्ड 00:42 (19 अप्रैल) तक
- करण
- कौलव 15:14 तक, फिर तैतिल 04:20 (18 अप्रैल) तक, फिर गर 17:32 (18 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:59परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:34 – 14:08
- यमगंड07:50 – 09:25
- गुलिक काल10:59 – 12:34
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:16 – 07:50
- अमृत(शुभ)07:50 – 09:25
- काल(वर्जित (परंपरा))09:25 – 10:59
- शुभ(शुभ)10:59 – 12:34
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:34 – 14:08
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:08 – 15:43
- चर(सामान्य)15:43 – 17:17
- लाभ(शुभ)17:17 – 18:52
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:52 – 20:17
- शुभ(शुभ)20:17 – 21:43
- अमृत(शुभ)21:43 – 23:08
- चर(सामान्य)23:08 – 00:33 (18 अप्रैल)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:33 (18 अप्रैल) – 01:59 (18 अप्रैल)
- काल(वर्जित (परंपरा))01:59 (18 अप्रैल) – 03:24 (18 अप्रैल)
- लाभ(शुभ)03:24 (18 अप्रैल) – 04:50 (18 अप्रैल)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:50 (18 अप्रैल) – 06:15 (18 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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