पंचांग 29 अप्रैल 2024

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

29 अप्रैल 2024 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:08
सूर्यास्त18:55
चंद्रोदय00:04 (30 अप्रैल)
चंद्रास्त10:09
मास:
चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
संवत्सर:
क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 07:57 तक, फिर कृष्ण षष्ठी 07:05 (30 अप्रैल) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 04:42 (30 अप्रैल) तक, फिर उत्तराषाढ़ा 04:09 (1 मई) तक
योग
सिद्ध 00:25 (30 अप्रैल) तक, फिर साध्य 22:24 (30 अप्रैल) तक
करण
तैतिल 07:57 तक, फिर गर 19:35 तक, फिर वणिज 07:05 (30 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:57
  • राहु काल07:44 – 09:20
  • यमगंड10:56 – 12:31
  • गुलिक काल14:07 – 15:43

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:08 – 07:44
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:44 – 09:20
  • शुभ(शुभ)09:20 – 10:56
  • रोग(वर्जित (परंपरा))10:56 – 12:31
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:07
  • चर(सामान्य)14:07 – 15:43
  • लाभ(शुभ)15:43 – 17:19
  • अमृत(शुभ)17:19 – 18:55

रात

  • चर(सामान्य)18:55 – 20:19
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:19 – 21:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:07
  • लाभ(शुभ)23:07 – 00:31 (30 अप्रैल)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:31 (30 अप्रैल) – 01:55 (30 अप्रैल)
  • शुभ(शुभ)01:55 (30 अप्रैल) – 03:19 (30 अप्रैल)
  • अमृत(शुभ)03:19 (30 अप्रैल) – 04:43 (30 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)04:43 (30 अप्रैल) – 06:07 (30 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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